Sand Mining in Jharkhand महंगी बालू से निर्माण कार्य प्रभावित

Sumit Mishra
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Sand Mining in Jharkhand महंगी बालू से निर्माण कार्य प्रभावित

Sand Mining in Jharkhand:रांची, 15 अक्टूबर 2026: झारखंड में बालू की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है। मानसून के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की ओर से लगाई गई रोक 15 अक्टूबर की मध्यरात्रि समाप्त होने वाली है। इसके बाद 16 अक्टूबर से वैध बालू उठाव शुरू होने की संभावना है।

हालांकि, इसके लिए बालू घाटों को जरूरी अनुमति और नियमों का पालन करना होगा। आपूर्ति बढ़ने पर बाजार में बालू की कीमतों में करीब 5 हजार रुपये तक कमी आने की उम्मीद है। लेकिन वास्तविक कीमत परिवहन खर्च और स्थानीय बाजार पर निर्भर करेगी।

Sand Mining in Jharkhand: निर्माण कार्य प्रभावित

बालू की कमी का असर घर बनाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। इसके अलावा, कई निर्माण कार्यों की लागत भी बढ़ गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, रांची में करीब 700 सीएफटी बालू से भरे एक हाइवा की कीमत 35 हजार से 40 हजार रुपये तक बताई जा रही है। वहीं, लगभग 180 सीएफटी क्षमता वाले टर्बो ट्रक की बालू करीब 9 हजार रुपये में मिल रही है। दूसरी ओर, 80 से 90 सीएफटी बालू की कीमत लगभग 5 हजार रुपये बताई गई है।

इस दौरान कई इलाकों में ऊंची कीमतों और कथित कालाबाजारी की शिकायतें सामने आई हैं। इसलिए वैध आपूर्ति शुरू होने से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल 14 घाटों से उठाव की तैयारी

राज्य में अभी 14 बालू घाटों की लीज डीड प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी सामने आई है। इन घाटों से वैध उठाव शुरू हो सकता है।

वहीं, रांची के 19 नीलाम घाटों में से फिलहाल केवल एक घाट की लीज डीड पूरी होने की बात कही गई है। हालांकि, सिर्फ लीज डीड पूरी होना ही पर्याप्त नहीं है।

बालू खनन शुरू करने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इनमें ग्रामसभा की प्रक्रिया, सीटीई, सीटीओ और लीज डीड शामिल हैं। इसलिए रोक हटने के बाद भी सभी घाटों से तुरंत उठाव शुरू होना संभव नहीं है।

444 घाटों में नीलामी को लेकर अलग-अलग आंकड़े

झारखंड में कुल 444 बालू घाट चिह्नित किए गए हैं। 15 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में 290 घाटों की नीलामी पूरी होने की जानकारी दी गई है। वहीं, 6 अक्टूबर की दूसरी रिपोर्ट में यह संख्या 302 बताई गई थी।

इस तरह दोनों रिपोर्टों के आंकड़ों में अंतर है। इसलिए नीलामी की अंतिम संख्या की पुष्टि संबंधित विभाग से करना जरूरी है।

अवैध खनन रोकना प्रशासन के लिए चुनौती

रोक समाप्त होने के बाद प्रशासन के सामने कई चुनौतियां रहेंगी। इनमें अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर रोक लगाना शामिल है। इसके अलावा, मनमानी कीमत वसूलने वालों पर भी निगरानी रखनी होगी।

यदि वैध बालू की आपूर्ति नियमित रहती है, तो बाजार में कीमतें कम हो सकती हैं। इससे घर बनाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल सबकी नजर 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले बालू उठाव पर है। अब देखना होगा कि आपूर्ति बढ़ने के बाद बाजार में कीमतें कितनी कम होती हैं। http://mpactnewspoint.com/impactnewspoint/delhi-police-in-trouble-over-action-taken-against-cjp-protest-presents-its-side-in-supreme-court/

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