Dal Bhat Yojana: राजधानी झारखण्ड में गरीबों को सस्ता खाना देने के मकसद से शुरू की गई मुख्यमंत्री दाल-भात स्कीम में गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कीम के तहत लाभार्थियों को ₹5 में खाना मिलना चाहिए, लेकिन कई सेंटर्स पर इसकी कीमत बढ़ाकर ₹10 कर दी गई है।
रांची शहर में कुल 12 दाल-भात सेंटर चल रहे हैं, जिनमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हॉस्पिटल और सिविल कोर्ट के पास के सेंटर्स शामिल हैं। इसके अलावा, हर ब्लॉक में 18 सेंटर्स भी हैं। जांच में पता चला कि कई सेंटर संचालक कोयले की बढ़ती कीमत का हवाला देकर तय रेट से ज़्यादा पैसे ले रहे हैं। तीन दिन के सर्वे में पता चला कि लाभार्थियों से खुलेआम ₹10 लिए जा रहे हैं।
इस दाल-भात योजना में दाल-भात के साथ चना, सोयाबीन और आलू की करी भी दी जाती है। लेकिन, कई सेंटर्स नियमों को तोड़कर चिकन और अंडा करी जैसी डिशेज़ परोस रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह बदलाव ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने के लिए किया गया है। सेंटर संचालक ज़्यादा कमाई के लिए सरकारी अनाज का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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सदर हॉस्पिटल और राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज कैंपस में रात में भी दाल-भात सेंटर चलाए जा रहे हैं, जिससे ज़रूरतमंदों को हर समय खाना मिलता रहे। लेकिन, मौजूदा हालात ने इस स्कीम के मकसद पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीबों के लिए शुरू की गई इस स्कीम में साफ तौर पर ट्रांसपेरेंसी और निगरानी की कमी है।