Open Jail Jharkhand: झारखंड की जेलों से 26 आजीवन कैदी होंगे रिहा

Impact News Point
3 Min Read
Open Jail Jharkhand: 26 life convicts to be released from Jharkhand jails.

Open Jail Jharkhand: गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य सज़ा समीक्षा बोर्ड की एक अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य भर की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सज़ा काट रहे 79 कैदियों के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। लंबी चर्चा के बाद, 26 कैदियों की रिहाई को मंज़ूरी दी गई।

Open Jail Jharkhand: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

बैठक के दौरान, काउंसिल द्वारा सुझाए गए 37 नए मामलों और पिछली बैठकों में खारिज किए गए 42 मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ मिलकर हर मामले के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की, जिसमें पात्रता, जेल में आचरण, सज़ा की अवधि, कानूनी प्रावधान, संबंधित अदालतों की राय और पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक व प्रोबेशन अधिकारियों की रिपोर्ट शामिल थीं। इसके बाद, 26 कैदियों की रिहाई के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई।

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी डिवीज़नों में खुली जेलें स्थापित करने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को इन खुली जेलों के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करने और जल्द से जल्द प्रस्ताव सौंपने का निर्देश दिया। सरकार का मानना ​​है कि खुली जेल प्रणाली सुधारात्मक न्याय प्रणाली को और मजबूत करेगी और पात्र कैदियों के पुनर्वास में मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जेल से रिहा होने वाले कैदियों के पुनर्वास, समाज में उनकी वापसी और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए ज़रूरी मदद उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय पहलुओं और सुधारवादी दृष्टिकोण को भी समान महत्व देती है। कानून के दायरे में रहते हुए रिहा हुए लोगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना सरकार की प्राथमिकता है।

26 कैदियों की रिहाई और ओपन जेल की तैयारी

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने मानसिक रूप से बीमार कैदियों चाहे वे अभी जेल में हों या पहले ही रिहा हो चुके हों—का डेटाबेस तैयार करने का भी निर्देश दिया, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा सकें और वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-कानूनी सलाहकार नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक (जेल और सुधार सेवाएं) सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा शामिल थे।

यह भी पढ़ें: ED Raid Dhanbad: धनबाद में ED की बड़ी कार्रवाई, ₹160 करोड़ के निवेश फ्रीज

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *