Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. उद्योगपति और मौजूदा राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी की संभावित एंट्री ने दूसरी सीट के लिए मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है. छह जून को उनके नाम से नामांकन पत्र खरीदे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में नये समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गयी है.
वर्तमान में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी का झारखंड से पुराना राजनीतिक नाता है. वह साल 2008 और 2014 में झारखंड से राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं. ऐसे में उनके चुनावी मैदान में उतरने की संभावना ने सभी पार्टियों की रणनीतियों पर असर डाला है.
इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने राष्ट्रीय सचिव प्रणब झा को मैदान में उतारा है. उधर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से भी गौरव वल्लभ के नाम पर नामांकन पत्र खरीदा गया है, लेकिन पार्टी ने अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर परिमल नाथवानी नामांकन दाखिल करते हैं तो चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल सकता है. वरिष्ठ पत्रकारों के मुताबिक बीजेपी का अंतिम रुख और परिमल नथवाणी को मिला राजनीतिक समर्थन इस चुनाव की दिशा तय करेगा. इसके अलावा यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कौन से विधायक उनके प्रस्तावक बनते हैं.
विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश दिया है. इससे न सिर्फ पार्टी के भीतर भाई-भतीजावाद को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लग गया है, बल्कि दलित समुदाय को लुभाने की भी कोशिश की गई है.
विधानसभा के मौजूदा अंकगणित की बात करें तो 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया अलायंस के पास कुल 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 24 विधायक हैं. इसके अलावा जेएलकेएम का एक विधायक है. राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होती है. संख्या बल के आधार पर झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है. असली मुकाबला दूसरी सीट के लिए है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार प्रणब झा, संभावित बीजेपी उम्मीदवार और परिमल नथवाणी जैसे नाम चुनाव को रोमांचक बना सकते हैं.
अब तक कुल छह नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं। इनमें रवि यादव, प्रणब झा, गौरव वल्लभ, परिमल नाथवानी, विजय साई रेड्डी और बैद्यनाथ राम शामिल हैं. सोमवार को नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही चुनावी तस्वीर और साफ होगी. फिलहाल झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें आने वाले दिनों में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं.
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