स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला? नवीन जायसवाल के आरोपों से मचा हड़कंप

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स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला? नवीन जायसवाल के आरोपों से मचा हड़कंप

Jharkhand Politics: BJP के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हटिया विधायक और विधानसभा में मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में गंभीर अनियमितताओं और कथित घोटालों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं. मुख्य सचिव की ओर से स्वास्थ्य सचिव को लिखे गये पत्र में व्यापक अनियमितता की जांच के निर्देश दिये गये हैं, जिससे पता चलता है कि मामला बेहद गंभीर है.

श्री जयसवाल ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपने चहेतों को अधिक दर पर टेंडर दिलवाया है. उन्होंने कहा कि पत्र में सामने आये तथ्यों के अनुसार जिन उत्पादों की वास्तविक कीमत एक रुपये है, उन्हें तीन से पांच गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर कई कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कराकर लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है, जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.

नवीन जयसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार घोटाले उजागर हो रहे हैं. हालांकि मुख्य सचिव द्वारा संज्ञान लेना स्वागतयोग्य है, लेकिन स्वास्थ्य सचिव को जांच की जिम्मेदारी सौंपना ही संदेह पैदा करता है. उन्होंने इसे “बिल्ली को दूध सौंपना” बताया और आशंका व्यक्त की कि GeM पोर्टल के माध्यम से की गई उच्च दर की खरीदारी को छुपाया जा सकता है। श्री जयसवाल ने आगे कहा कि झारखंड में भी खजाना लूट का मामला सामने आया है, जिसमें हर जिले में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. उन्होंने इसे चारा घोटाले से भी बड़ा घोटाला बताया.

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उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बालू, कोयला, जमीन और लोहे की लूट के मामले पहले से ही सामने आ रहे हैं और अब इसमें सरकारी खजाने की लूट का सिलसिला भी जुड़ गया है. मंत्री के प्रभाव में विभाग के अंदर महंगे दामों पर खरीदारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है. श्री जायसवाल ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री से मांग करती है कि इस पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष एवं स्वतंत्र एजेंसी से करायी जाये, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके. साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत पद से बर्खास्त करने की मांग की गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक और प्रदेश प्रवक्ता अवनीश सिंह मौजूद थे.

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