US-Iran Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को लेकर एक अहम दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव खत्म करने के लिए एक ज़रूरी समझौता लगभग तैयार है और वीकेंड पर यूरोप में उस पर दस्तखत हो सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना को टाल दिया है। ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस संभावित समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले पर कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और पाकिस्तान सहित कई देशों के नेताओं के साथ बातचीत हुई है।
US-Iran Deal: ट्रंप बोले- ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने भविष्य में किसी भी तरह के परमाणु हथियार न बनाने का भरोसा दिलाया है। उनके अनुसार, यह पूरे समझौते का सबसे अहम मकसद था। ट्रंप ने कहा कि यह समझौता काफी मज़बूत और व्यापक है। उन्होंने कहा कि ईरान ने वादा किया है कि वह न तो परमाणु हथियार हासिल करेगा और न ही उन्हें विकसित करेगा, और न ही उनके निर्माण की दिशा में कोई कदम उठाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर यह समझौता फाइनल हो जाता है, तो रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से फिर से खुल जाएगा, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और तेल के व्यापार को राहत मिल सकती है।
ईरान पर हमले की धमकी के कुछ घंटे बाद बदला रुख
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह ट्रंप ने ईरान के तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप के खिलाफ कार्रवाई करने और देश पर कड़ा हमला करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्होंने दावा किया कि शांति वार्ता में काफी प्रगति हुई है और समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं।
US-Iran Deal: ईरान ने ट्रंप के दावे पर जताई सावधानी
ईरान ने भी ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने के बारे में आ रही खबरें अभी केवल अटकलें हैं और तेहरान ने अभी तक किसी भी प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अमेरिका के बदलते रुख ने बातचीत की प्रक्रिया पर असर डाला है। बघाई के अनुसार, समझौते के कई मसौदे पहले ही तैयार किए जा चुके हैं, फिर भी अमेरिका द्वारा लगातार अपना रुख बदलने के कारण अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
‘रेड लाइन्स’ से समझौता नहीं करेगा ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ़ किया कि देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बुनियादी सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं करेगा। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने हमेशा अपनी ‘रेड लाइन्स’ (अहम सीमाओं) का सम्मान किया है और भविष्य में भी ऐसा करता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ती अस्थिरता के लिए हालिया अमेरिकी कदम ज़िम्मेदार हैं, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ा है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता सच में हो जाता है, तो यह मध्य पूर्व की राजनीति और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए एक अहम घटना साबित हो सकती है। हालांकि, अभी तक किसी भी देश ने औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, दुनिया यह देखने के लिए इंतज़ार कर रही है कि क्या लंबे समय से प्रतीक्षित यह डील सच में इस हफ़्ते के आखिर तक पूरी हो पाती है या नहीं।
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