ED Raid Dhanbad: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के धनबाद ज़िले में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी, जबरन वसूली और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल एक नेटवर्क के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की है। ED के रांची ज़ोनल ऑफ़िस ने 28 जुलाई, 2026 को धनबाद ज़िले में 31 जगहों पर एक साथ छापेमारी की।
ED Raid Dhanbad: 200 से ज्यादा संपत्तियां जांच के दायरे में
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई। जांच के दौरान, ED ने कोयले के बड़े व्यापारी LB सिंह के नाम पर मौजूद लगभग ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज़ कर दिया है। एजेंसी को शक है कि ये निवेश कथित तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों से कमाए गए पैसों से किए गए हो सकते हैं। अब इन निवेशों के स्रोत और इनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जाएगी।
छापेमारी के दौरान, ED ने ₹1.02 करोड़ की बेहिसाब नकदी भी बरामद की। इसके अलावा, बड़ी संख्या में वित्तीय दस्तावेज़, खाता-बही, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड ज़ब्त किए गए। इन दस्तावेज़ों की जांच के आधार पर, एजेंसी पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। ED के अनुसार, जांच के दौरान 200 से ज़्यादा अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं।
अवैध कोयला नेटवर्क की जांच तेज
एजेंसी इन संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल हुए फंड के स्रोत का पता लगाने और यह तय करने के लिए काम कर रही है कि क्या इनका संबंध कथित अवैध कोयला व्यापार से है। यह कार्रवाई कई लोगों जिनमें अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान, गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह शामिल हैं और उनसे जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों पर की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला अवैध कोयला खनन, कोयले की तस्करी, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कथित तौर पर जबरन वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़ा है, जो लंबे समय से धनबाद इलाके में चल रहा है।
फिलहाल, ED ज़ब्त किए गए दस्तावेज़ों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं और सबूतों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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