UMU Ranchi: ऊषा मार्टिन यूनिवर्सिटी (UMU) के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट डिपार्टमेंट ने ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज के स्टूडेंट्स के लिए“बदलते भारत में शासन व्यवस्था: चुनौतियाँ और अवसर” विषय पर एक खास लेक्चर आयोजित किया। यूनिवर्सिटी के एक्टिंग वाइस-चांसलर ब्रिगेडियर सुमार वीर सिंह ने इस कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया।
झारखंड सरकार के योजना एवं विकास विभाग और पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के सचिव, मुकेश कुमार (IAS) ने इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर हिस्सा लिया। एक अनुभवी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी के रूप में, उन्होंने छात्रों को शासन व्यवस्था के बदलते स्वरूप और उससे जुड़ी चुनौतियों व संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की भूमिका और महत्व पर भी प्रकाश डाला।
UMU Ranchi : यूएमयू में IAS मुकेश कुमार ने विद्यार्थियों से की चर्चा
अपने संबोधन में मुकेश कुमार ने वैशाली की प्राचीन गणतंत्रात्मक परंपरा का ज़िक्र किया और इसे भारतीय सभ्यता में लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था के शुरुआती और अहम उदाहरणों में से एक बताया। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और इसके विकास के सफ़र पर भी अपने विचार रखे।
उन्होंने भारत की विविधतापूर्ण प्रकृति को समझाने के लिए “सलाद संस्कृति” का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि अलग-अलग समुदाय और पहचानें अपनी खासियत बनाए रखते हुए भी एक साथ रह सकती हैं और तरक्की कर सकती हैं। उन्होंने अच्छे शासन और राष्ट्र-निर्माण के लिए समावेशिता को एक अहम आधार बताया।
मुकेश कुमार ने लोकतांत्रिक समाज में संघर्ष और एकता के बीच के संबंध पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि संघर्ष और एकजुटता, दोनों ही राष्ट्र-निर्माण की दिशा तय करते हैं। इसके अलावा, महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और निस्वार्थ सेवा के सिद्धांतों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने इन्हें ऐसे मार्गदर्शक सिद्धांत बताया जो आज भी शासन और सार्वजनिक जीवन के लिए प्रासंगिक हैं।
यूएमयू के विद्यार्थियों को मिली अहम जानकारी
मुख्य भाषण के बाद छात्रों के लिए सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र के दौरान, छात्रों ने मुख्य वक्ता के साथ गवर्नेंस और पब्लिक पॉलिसी से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की और अपने सवाल पूछे। कार्यक्रम के समापन पर, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. शिव प्रताप वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, यूनिवर्सिटी के नेतृत्व और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस प्रोग्राम की रूपरेखा ट्रेनिंग और प्लेसमेंट डिपार्टमेंट की डॉ. प्रियंका पल्लवी की पहल पर तैयार की गई और इसका समन्वय भी उन्होंने ही किया। इस मौके पर कैंपस डायरेक्टर डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, डीन (एकेडमिक्स) प्रो. बी.एन. सिन्हा और ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज फैकल्टी के विभिन्न विभागों के डीन और विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
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